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व्रज - आश्विन अधिक कृष्ण एकादशी

व्रज - आश्विन अधिक कृष्ण एकादशी


मंगलवार, 13.10.2020


आज के मनोरथ-


प्रातः - गुलाबी घटा व बंगला


सायं - गुलाबी गणगौर


राजभोग दर्शन -


अधिक मास में आज श्रीजी को गुलाबी पिछोड़ा गुलाबी घटावत श्रृंगार धराया जायेगा


फूल गुलाबी साज अति शोभित तापर राजत बालकृष्ण बिहारी ।

फ़ेंटा गुलाबी पिछोरा रह्यो फबि फूल गुलाबी रंग अति भारी ।।1।।

वाम भाग वृषभाननंदनी पहेरे गुलाबी कंचुकी सारी ।

फूल गुलाबी हस्तकमलमें छबि पर कुंभनदास बलिहारी ।।2।।


साज - श्रीजी में आज गुलाबी मलमल वस्त्र की पिछवाई धरायी जाती है. गादी, तकिया एवं चरणचैकी पर गुलाबी बिछावट की जाती है एवं स्वरुप के सम्मुख लाल रंग की तेह बिछाई जाती है.


वस्त्र - आज श्रीजी को गुलाबी मलमल वस्त्र का पिछोडा एवं ठाड़े वस्त्र भी गुलाबी धराये जाते हैं.


श्रृंगार – आज प्रभु को छोटा (कमर तक) हल्का श्रृंगार धराया जाता है. गुलाबी मीना के सर्व आभरण धराये जाते हैं. मीना की हमेल धरायी जाती है.


श्रीमस्तक पर गुलाबी रंग की गोल पाग के ऊपर सिरपैंच, लूम, तथा गुलाबी दोहरा कतरा एवं बायीं ओर शीशफूल धराये जाते हैं. श्रीकर्ण में कर्णफूल धराये जाते हैं.


एक हार एवं पचलड़ा धराया जाता हैं. एवं गुलाबी पुष्पों की दो सुन्दर मालाजी धरायी जाती हैं.


श्रीहस्त में गुलाबी मीना के वेणुजी एवं वेत्रजी धराये जाते हैं. पट गुलाबी व गोटी सोने की आती है.


आरती के दर्शन में श्रीजी को गुलाबी गणगौर का मनोरथ किया जावेगा।

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