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व्रज - आश्विन अधिक कृष्ण दशमी

व्रज - आश्विन अधिक कृष्ण दशमी


सोमवार, 12.10.2020


आज के मनोरथ-


प्रातः - फल-फूल की मण्डली


सायं - छुटत फुहारे आगे


विशेष - अधिक मास में आज श्रीजी को एकदानी चुंदड़ी के धोती पटका एवं श्रीमस्तक पर गोल पाग का श्रृंगार धराया जायेगा.


राजभोग दर्शन -


साज - आज श्रीजी में एकदानी चुंदड़ी की की पिछवाई धरायी जाती है. गादी, तकिया और चरणचैकी के ऊपर सफेद बिछावट की जाती है.


वस्त्र - आज श्रीजी को एकदानी चुंदड़ी का रुपहली जरी की तुईलैस की किनारी से सुसज्जित धोती एवं राजशाही पटका धराया जाता है. ठाड़े वस्त्र हरे रंग के धराये जाते हैं.


श्रृंगार - प्रभु को आज छोटा (कमर तक) हल्का श्रृंगार धराया जाता है. फीरोजा के सर्व-आभरण धराये जाते हैं.


श्रीमस्तक पर गोल पाग के ऊपर चन्द्रिका एवं बायीं ओर शीशफूल धराये जाते हैं. श्रीकर्ण में एक जोड़ी कर्णफूल धराये जाते हैं.


श्रीकंठ में एक हार एवं श्वेत एवं पीले पुष्पों की दो सुन्दर मालाजी धरायी जाती हैं. श्रीहस्त में कमलछड़ी, लहरियाँ के वेणुजी एवं दो वेत्रजी धराये जाते हैं.


पट लाल एवं गोटी मीना की आती हैं.


 
 
 

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