top of page

Search


व्रज - फाल्गुन शुक्ल तृतीया
व्रज - फाल्गुन शुक्ल तृतीया Friday, 20 February 2026 नेंक मोहोंड़ो मांड़न देहो होरी के खिलैया । जो तुम चतुर खिलार कहावत अंगुरीन को रस लेहौ ।।1।। उमड़े घुमड़े फिरत रावरे सकुचत काहे हो । सूरदास प्रभु होरी खेलों फगुवा हमारो देहो ।।2।। लाल लट्ठा के चाकदार वागा एवं श्रीमस्तक पर टिपारा का श्रृंगार राजभोग खेल में एक गुलाल व एक अबीर की पोटली प्रभु की कटि पर बांधी जाती है. प्रभु के कपोल भी मांडे जाते हैं. राजभोग दर्शन – कीर्तन – (राग : गोरी) श्रीवल्लभकुल मंडन प्रकटे श्र

Reshma Chinai
Feb 202 min read


व्रज - फाल्गुन शुक्ल द्वितीया
व्रज - फाल्गुन शुक्ल द्वितीया Thursday, 19 February 2026 नवरंगी लाल बिहारी हो तेरे,द्वै बाप,द्वै महतारी ।। नवरंगीले नवल बिहारी हम, दैंहि कहा कही गारी ।।१।। द्वै बाप सबै जग जाने, सोतो वेद पुरान बखाने।। वसुदेव देवकी जाये, सो तो नंदमहर के आये ।।२।। हम बरसानेकी नारी, तुम्हें दें दें हँसि गारी ।। तेरी भूआ कुंति रानी, सो तो सूरज देखी लुभानी।।३।। तेरी बहन सुभद्रा क्वारी, सो तो अर्जुन संग सिधारी।। तेरी द्रुपदसुता सी भाभी, सो तो पांच पुरुष मिलि लाभी।।४।। हम जाने जू हम जानै, तुम उखल हा

Reshma Chinai
Feb 193 min read


व्रज - फाल्गुन शुक्ल प्रतिपदा
व्रज - फाल्गुन शुक्ल प्रतिपदा Wednesday, 18 February 2026 पिले लट्ठा के चाकदार वागा एवं श्रीमस्तक पर ग्वालपगा के ऊपर पगा चंद्रिका के शृंगार आज राजभोग में श्रीजी की कटि में एक गुलाल की पोटली बांधी जाती हैं. राजभोग दर्शन – कीर्तन – (राग : बिलावल) गोपी हो नंदराय घर मांगन फगुआ आई l प्रमुदित कर ही कुलाहल गावत गारि सुहाई ll 1 ll अबला एक अगमनि आगे दई है पठाई l जसुमति अति आदरसो भीतर भवन बुलाई ll 2 ll तिनमें मुख्य राधिका लागत परम सुहाई l खेलो हसो निशंक शंक मानो जिन

Reshma Chinai
Feb 182 min read


व्रज - फाल्गुन कृष्ण चतुर्दशी
व्रज - फाल्गुन कृष्ण चतुर्दशी Tuesday, 17 February 2026 अरि हों श्याम रंग रंगी । रिझवे काई रही सुरत पर सुरत मांझ पगी ।।१।। देख सखी अेक मेरे नयनमें बैठ रह्यो करी भौन । घेनु चरावन जात वृंदावन सौंधो कनैया कोन ।।२।। कौन सुने कासौ कहे सखी कौन करे बकवाद । तापे गदाधर कहा कही आवे गूंगो गुड़को स्वाद ।।३।। चोवा से रंगे स्याम घेरदार वागा, श्रीमस्तक पर गोल पाग पर मोर चंद्रिका के श्रृंगार विशेष – आज फाल्गुन की अमावस्या के दिन श्रीजी को नियम के चोवा से रंगे दोहरी सुनहरी किनारी के स्याम घेर

Reshma Chinai
Feb 172 min read


व्रज - फाल्गुन कृष्ण चतुर्दशी
व्रज - फाल्गुन कृष्ण चतुर्दशी Monday, 16 February 2026 श्वेत लट्ठा के चाकदार वागा एवं श्रीमस्तक पर छज्जेदार पाग के ऊपर सीधी चंद्रिका के श्रृंगार राजभोग दर्शन – कीर्तन – (राग : बिलावल) गोपी हो नंदराय घर मांगन फगुआ आई l प्रमुदित कर ही कुलाहल गावत गारि सुहाई ll 1 ll अबला एक अगमनि आगे दई है पठाई l जसुमति अति आदरसो भीतर भवन बुलाई ll 2 ll तिनमें मुख्य राधिका लागत परम सुहाई l खेलो हसो निशंक शंक मानो जिन कोई ll 3 ll बहुमोली मनिमाला सबन देहु पहराई l मनिमाला ले कहा करे मोहन देहु दिखाई

Reshma Chinai
Feb 162 min read


व्रज - फाल्गुन कृष्ण त्रयोदशी
व्रज - फाल्गुन कृष्ण त्रयोदशी Sunday, 15 February 2026 भोरही आयो मेरे द्वार जोगिया अलख कहे कहे जाग । मोहन मूरति एनमेनसी नैन भरे अनुराग ।। अंग विभूतिगरें बिचसेली देखीयत विरह बिराग । तनमन वारुं धीरज के प्रभु पर राखूंगी बांध सुहाग ।। तुम कोनकेवस खेले हो रंगीले हो हो होरियां । अंजन अधरन पीक महावरि नेनरंगे रंगरोरियां ।। वारंवार जृंभात परस्पर निकसिआई सब चोरियां । 'नंददास' प्रभु उहांई वसोकिन जहां वसेवेगोरियां ।। महा शिवरात्रि विशेष – आज महाशिवरात्रि है. भगवान शंकर प्रथम वैष्णव हैं औ

Reshma Chinai
Feb 153 min read


व्रज - फाल्गुन कृष्ण द्वादशी
व्रज - फाल्गुन कृष्ण द्वादशी Tuesday, 25 February 2025 ताजबीबी की भावपूर्ण अंतिम धमार बहोरि डफ बाजन लागे, हेली।। ध्रुव.।। खेलत मोहन साँवरो,हो, केहिं मिस देंखन जाय।। सास ननद बैरिन भइ अब, कीजे कोन उपाय।। १।। ओजत गागर ढारीये, यमुना जल के काज,।। यह मिस बाहिर निकसकें हम, जायें मिलें तजि लाज।।२।। आओ बछरा मेलियें, बनकों देहिं विडार।। वे दे हें, हम ही पठे हम, रहेंगी घरी द्वे चार।। ३।। हा हा री हों जातहों मोपें, नाहिन परत रह्यो।। तू तो सोचत हीं रही तें, मान्यों न मेरो कह्यो।। ४।। राग

Reshma Chinai
Feb 143 min read


व्रज – फाल्गुन कृष्ण एकादशी
व्रज – फाल्गुन कृष्ण एकादशी Friday, 13 February 2026 कान्हा धर्यो रे मुकुट खेले होरी कान्हा धर्यो रे ।। ईतते आये कुंवर कन्हाई, उतते आई राधा गोरी............... कान्हा कहां तेरो हार कहां नकवेसर, कहां मोतीयनकी लर तोरी........ कान्हा गोकुल मेरो हार मथुरा नकवेसर, बृदावन में लर तोरी.................. कान्हा चोवा चंदन अगर अरगजा, अबिर उडावो भर भर झोरी....... कान्हा पुरुषोत्तम प्रभु की छबी निरखत, फगुवा लियो भर भर झोरी........ कान्हा मुकुट-काछनी के श्रृंगार विजया एकादशी विशेष – आज वि

Reshma Chinai
Feb 133 min read


व्रज – फाल्गुन कृष्ण दशमी
व्रज – फाल्गुन कृष्ण दशमी Thursday, 11 February 2026 हरे लट्ठा के चाकदार वागा एवं श्रीमस्तक पर फेटा पर फेटा के साज के श्रृंगार राजभोग दर्शन – कीर्तन – (राग : वसंत) श्रीवृंदावन खेलत गुपाल, बनि बनि आई व्रजकी बाल ll 1 ll नवसुंदरी नवतमाल, फूले नवल कमल मधि नव रसाल ll 2 ll अपने कर सुंदर रचित माल, अवलंबित नागर नंदलाल ll 3 l नव गोप वधू राजत हे संग, गजमोतिन सुंदर लसत मंग ll 4 ll नवकेसर मेद अरगजा धोरि, छिरकत नागरिकों नवकिशोर ll 5 ll तहां गोपीग्वाल सुंदर सुदेश, राजत माला विविध केस ll 6

Reshma Chinai
Feb 122 min read


व्रज – फाल्गुन कृष्ण नवमी
व्रज – फाल्गुन कृष्ण नवमी Wednesday, 11 February 2026 लाल लट्ठा के घेरदार वागा, श्रीमस्तक पर लाल गोल पाग पर क़तरा के श्रृंगार राजभोग दर्शन – कीर्तन – (राग : वसंत) (अष्टपदी) खेलत वसंत गिरिधरनलाल, कोकिल कल कूजत अति रसाल ll 1 ll जमुनातट फूले तरु तमाल, केतकी कुंद नौतन प्रवाल ll 2 ll तहां बाजत बीन मृदंग ताल, बिचबिच मुरली अति रसाल ll 3 ll नवसत सज आई व्रजकी बाल, साजे भूखन बसन अंग तिलक भाल ll 4 ll चोवा चन्दन अबीर गुलाल, छिरकत पिय मदनगुपाल लाल ll 5 ll आलिंगन चुम्बन देत गाल, पहरावत उ

Reshma Chinai
Feb 112 min read


व्रज – फाल्गुन कृष्ण अष्टमी
व्रज – फाल्गुन कृष्ण अष्टमी Monday, 09 February 2026 सेहरा के श्रृंगार आज श्रीजी को केसरी रंग का सूथन, चोली चाकदार वागा का श्रृंगार धराया जायेगा. श्रीमस्तक पर केसरी रंग के दुमाला के ऊपर मीना का सेहरा धराया जाता है. राजभोग दर्शन – कीर्तन – (राग : वसंत) देखो राधा माधो,सरस जोर, खेलत बसंत पिय नवल किशोर।।ध्रु। ईत हलधर संग,समस्त बाल।। मधि नायक सोहे नंदलाल।। उत जुवती जूथ,अदभूत रूप।। मधि नायक सोहें,स्यामा अनूप।।१।। बहोरि निकसि चले जमुनातीर,।। मानों रति नायक जात धीर।। देखत रति ना

Reshma Chinai
Feb 92 min read


व्रज - फाल्गुन कृष्ण सप्तमी
व्रज - फाल्गुन कृष्ण सप्तमी Sunday, 08 February 2026 आज की पोस्ट बहुत लम्बी पर उत्सव के आनंद के रंग से सराबोर है अतः समय देकर पूरी पढ़ें सभी वैष्णवों को निकुंजनायक श्रीजी व श्री लाड़लेलाल प्रभु के पाटोत्सव की ख़ूबख़ूब बधाई निकुंजनायक श्रीजी व श्री नवनीतप्रियाजी का पाटोत्सव होली खेल के 40 दिनों में पाटोत्सव का अपना अलग ही महत्व है, जो प्रभु कृपा और सर्व-समर्पण की भावना से उत्पन्न हुआ है. श्रीजी प्रभु आज ही के दिन, श्री गुसाईंजी के घर सतघरा पधारे थे। श्री गिरिधरजी ने श्रीजी की आज

Reshma Chinai
Feb 84 min read


व्रज - फाल्गुन कृष्ण षष्ठी
व्रज - फाल्गुन कृष्ण षष्ठी Saturday, 07 February 2026 श्री गोकुल राजकुमार लाल रंग भीने हें । खेलत डोलत फाग सखा संग लीने हें ।।१।। चित्र विचित्र सुदेश सबे अनुकुले हें । राजत रंग विरंग सरोजसे फुले हें ।।२।। अेकनके कर कंठण जोरी जराय की । अेकनके पिचकाई सु हेम भराय की ।।३।। अेसोई ध्यान सदा हरीको जीय जो रहे । तापे गदाधर याके भाग्यकी को रहे ।।४।। चढ़ीहस्ती (चढ़ी आस्तीन) के वस्त्र का श्रृंगार कल श्रीजी व श्री नवनीतप्रियाजी का पाटोत्सव है और इसके एक दिन पूर्व, आज श्रीजी प्रभु को नियम

Reshma Chinai
Feb 73 min read


व्रज - फाल्गुन कृष्ण पंचमी
व्रज - फाल्गुन कृष्ण पंचमी Friday, 06 February 2026 दोहरा मनोरथ ( भलका चौथ) के वस्त्र का श्रृंगार आज श्रीजी को दोहरा मनोरथ ( भलका चौथ) के केसरी डोरिया के दोहरी किनारी का सूथन, चोली एवं घेरदार वागा का श्रृंगार धराया जायेगा. श्रीमस्तक पर केसरी रंग की गोल पाग एवं मोर चंद्रिका धरायी जायेगी. राजभोग दर्शन – कीर्तन – (राग : वसंत) (अष्टपदी) खेलत वसंत गिरिधरनलाल, कोकिल कल कूजत अति रसाल ll 1 ll जमुनातट फूले तरु तमाल, केतकी कुंद नौतन प्रवाल ll 2 ll तहां बाजत बीन मृदंग ताल, बिचबिच मुरली

Reshma Chinai
Feb 62 min read


व्रज - फाल्गुन कृष्ण चतुर्थी
व्रज - फाल्गुन कृष्ण चतुर्थी Thursday, 05 February 2026 गुलाबी लट्ठा के चाकदार वागा एवं श्रीमस्तक पर ग्वालपगा के ऊपर पगा चंद्रिका के शृंगार राजभोग दर्शन – कीर्तन – (राग : बिलावल) गोपी हो नंदराय घर मांगन फगुआ आई l प्रमुदित कर ही कुलाहल गावत गारि सुहाई ll 1 ll अबला एक अगमनि आगे दई है पठाई l जसुमति अति आदरसो भीतर भवन बुलाई ll 2 ll तिनमें मुख्य राधिका लागत परम सुहाई l खेलो हसो निशंक शंक मानो जिन कोई ll 3 ll बहुमोली मनिमाला सबन देहु पहराई l मनिमाला ले कहा करे म

Reshma Chinai
Feb 52 min read


व्रज - फाल्गुन कृष्ण तृतीया
व्रज - फाल्गुन कृष्ण तृतीया Wednesday, 04 February 2026 फागुन में रसिया घर बारी फागुन में । हो हो बोले गलियन डोले गारी दे दे मत वारी ।।१।। लाजधरी छपरन के ऊपर आप भये हैं अधिकारी । पुरुषोत्तम प्रभु की छबि निरखत ग्वाल करे सब किलकारी ।।२।। गुलाल की चोली विशेष – फाल्गुन मास में होली की धमार एवं विविध रसभरी गालियाँ भी गायी जाती हैं. विविध वाद्यों की ताल के साथ रंगों से भरे गोप-गोपियाँ झूमते हैं. कई बार गोपियाँ प्रभु को अपने झुण्ड में ले जाती हैं और सखी वेश पहनाकर नाच नचाती हैं और फ

Reshma Chinai
Feb 43 min read


व्रज - फाल्गुन कृष्ण द्वितीया
व्रज - फाल्गुन कृष्ण द्वितीया Tuesday, 03 February 2026 श्वेत लट्ठा के घेरदार वागा ,लाल बंध एवं श्रीमस्तक पर लाल गोल पाग पर क़तरा के श्रृंगार राजभोग दर्शन – कीर्तन – (राग : बिलावल) नंदसुवन व्रजभामते फाग संग मिल खेलोजु l आज हमें तुम जानि है जो युवती दल पेलोजु ll 1 ll रसिक सिरोमनि सांवरे श्रवन सूनत उठि धाये l बलि समेत सब टेरिके घरघर तें सखा बुलाये ll 2 ll बाजे बहुविध बाजही ताल मृदंग उपंग l डिमडिम दुंदुभी झालरी आवाज कर मुख चंग ll 3 ll...(अपूर्ण) साज – आज श्रीजी में श्वेत रंग की

Reshma Chinai
Feb 32 min read


व्रज – फाल्गुन कृष्ण प्रतिपदा
व्रज – फाल्गुन कृष्ण प्रतिपदा Monday, 02 February 2026 श्री गोकुल राजकुमार लाल रंग भीने हें । खेलत डोलत फाग सखा संग लीने हें ।।१।। चित्र विचित्र सुदेश सबे अनुकुले हें । राजत रंग विरंग सरोजसे फुले हें ।।२।। अेकनके कर कंठण जोरी जराय की । अेकनके पिचकाई सु हेम भराय की ।।३।। अेसोई ध्यान सदा हरीको जीय जो रहे । तापे गदाधर याके भाग्यकी को रहे ।।४।। श्वेत लट्ठा के चाकदार वागा एवं श्रीमस्तक पर छज्जेदार पाग के ऊपर जमाव का क़तरा के श्रृंगार राजभोग दर्शन – कीर्तन – (राग : बिलाव

Reshma Chinai
Feb 22 min read


व्रज – माघ शुक्ल पूर्णिमा (चतुर्दशी क्षय)
व्रज – माघ शुक्ल पूर्णिमा (चतुर्दशी क्षय) Sunday, 01 February 2026 चटकीली चोली पहेरें बीच बीच चोवा लपटानो । परम प्रिय लागत प्यारीको अपने प्रीतम को बानो ।।१।। देखत शोभा अंगअंगकी मनसिज मन हिल जानो । सुधरराय प्रभु प्यारीकी छबि निरखत मोह्यो गोवर्धनरानो ।।२।। होली डांडा रोपण (रोपणी को उत्सव) विशेष – बसंत पंचमी से आज माघ शुक्ल पूर्णिमा तक के दिन बसंत के खेल के कहे जाते हैं. इन दस दिनों में प्रिया-प्रीतम को युगल स्वरुप के रूप में पधराकर शांत भाव से सूक्ष्म खेल किया जाता है. प्रकृति

Reshma Chinai
Feb 14 min read


व्रज – माघ शुक्ल त्रयोदशी
व्रज – माघ शुक्ल त्रयोदशी Saturday, 31 January 2026 छप्पनभोग मनोरथ (बड़ा मनोरथ) श्वेत लट्ठा के चाकदार वागा एवं श्रीमस्तक पर लाल टीपारा के ऊपर पीले गौकर्ण और सुनहरी घेरा के श्रृंगार आज श्रीजी में श्रीजी में किन्हीं वैष्णव द्वारा आयोजित छप्पनभोग का मनोरथ होगा. नियम (घर) का छप्पनभोग वर्ष में केवल एक बार मार्गशीर्ष शुक्ल पूर्णिमा को ही होता है. इसके अतिरिक्त विभिन्न खाली दिनों में वैष्णवों के अनुरोध पर श्री तिलकायत की आज्ञानुसार मनोरथी द्वारा छप्पनभोग मनोरथ आयोजित होते हैं. इस प्र

Reshma Chinai
Jan 313 min read
bottom of page