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व्रज - कार्तिक शुक्ल चतुर्थी
व्रज - कार्तिक शुक्ल चतुर्थी Saturday, 25 October 2025 हरी सलीदार ज़री के घेरदार वागा एवं श्रीमस्तक पर छज्जेदार पाग पर पर गोल चन्द्रिका के शृंगार ये इन्द्रमान भंग के दिन है अतः कार्तिक शुक्ल तृतीया से अक्षय नवमी तक इन्द्रमान भंग के कीर्तन गाये जाते हैं. राजभोग दर्शन – कीर्तन – (राग : धनाश्री) कान्हकुंवर के कर पल्लव पर मानो गोवर्धन नृत्य करे । ज्यों ज्यों तान उठत मुरली में त्यों त्यों लालन अधर धरे ।।१।। मेघ मृदंगी मृदंग बजावत दामिनी दमक मानो दीप जरे । ग्वाल ताल दे नीके गावे गा

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Oct 25, 20252 min read


व्रज - कार्तिक शुक्ल तृतीया
व्रज - कार्तिक शुक्ल तृतीया Friday, 24 October 2025 फ़िरोज़ी ज़री के चाकदार वागा एवं श्रीमस्तक पर फ़िरोज़ी छज्जेदार पाग पर जमाव का क़तरा के शृंगार राजभोग दर्शन – कीर्तन – (राग : धनाश्री) माधोजु राखो अपनी ओट । वे देखो गोवर्धन ऊपर उठे है मेघ के कोट ।।१।। तुम जो शक्रकी पूजा मेटी वेर कियो उन मोट l नाहिन नाथ महातम जान्यो भयो है खरे टे खोट ।।२।। सात घौस जल वर्ष सिरानो अचयो एक ही घोट l लियो उठाय गरुवो गिरी करपर कीनो निपट निघोट ।।३।। गिरिधार्यो तृणावर्त मार्यो जियो नंदको ढोट l ‘

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Oct 24, 20252 min read


व्रज - कार्तिक शुक्ल द्वितीया
व्रज - कार्तिक शुक्ल द्वितीया Thursday, 23 October 2025 आज दूज भैया की कहियत, कर लिये कंचन थाल के l करो तिलक तुम बहन सुभद्रा, बल अरु श्रीगोपाल के ll १ ll आरती करत देत न्यौछावर, वारत मुक्ता माल के l ‘आशकरण’ प्रभु मोहन नागर, प्रेम पुंज ब्रजबाल के ll २ ll भाईदूज, यम द्वितीया श्रीजी को आज नियम के लाल खीनखाब के चोली, सूथन, घेरदार वस्त्र धराये जाते हैं. श्रीमस्तक पर फुलक शाही ज़री का चीरा (ज़री की पाग) व पटका रुपहली ज़री का धराया जाता है. उत्सव भोग के रूप में गोपीवल्लभ (ग्वाल) भोग मे

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Oct 23, 20253 min read


व्रज – कार्तिक शुक्ल प्रतिपदा
व्रज – कार्तिक शुक्ल प्रतिपदा Wednesday, 22 October 2025 दीपावली पूर्व का अभ्यंग का श्रृंगार विशेष – दीपोत्सव के पूर्व के नियत श्रृंगारों के मध्य इस पखवाड़े में एक बार अभ्यंग अवश्य होता है. इसका दिन नियत नहीं परन्तु होता अवश्य है. इसी भाव से इस बार अभ्यंग पूर्व में किया गया. किंतु तिथि खाली नहीं होने से उपरोक्त अभ्यंग का शृंगार आज लिया गया हैं. अभ्यंग के साथ घेरदार वस्त्र का श्रृंगार भी धराया जाता है .इसमें लाल सलीदार ज़री के घेरदार वस्त्र, चोली, सूथन, पटका व श्रीमस्तक पर चीरा

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Oct 22, 20252 min read


व्रज - कार्तिक कृष्ण अमावस्या
व्रज - कार्तिक कृष्ण अमावस्या Tuesday, 21 October 2025 गोवर्धन पूजा, अन्नकूट महोत्सव अन्नकूट कोटिन भांतनसो भोजन करत गोपाल । आपही कहत तात अपनेसों गिरि मूरति देखो तत्काल ।।१।। सुरपति से सेवक इनही के शिव विरंची गुण गावे । इनहीते अष्ट महा सिध्धि नवनिधि परम पदारथ पावे ।।२।। हम गृह बसत गोधन बन चारत गोधन ही कुलदेव । इने छांड जो करत यज्ञ विधि मानो भींतको लेव ।।३।। यह सुन आनंदे ब्रजवासी आनंद दुंदुभी बाजे ।। घरघर गोपी मंगल गावे गोकुल आन बिराजे ।।४।। मंगला दर्शन उपरांत डोल-तिबारी में अ

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Oct 21, 20252 min read


व्रज - कार्तिक कृष्ण चतुर्दशी (दीपावली)
व्रज - कार्तिक कृष्ण चतुर्दशी (दीपावली) Monday, 20 October 2025 यह दिवारी वरस दिवारी, तुमको नित्य नित्य आवो । नंदराय और जसोदारानी, अति सुख पूजही पावो ।।१।। पहले न्हाय तिलक गोरोचन,देव पितर पूजवो । श्रीविट्ठलगिरिधरन संग ले गोधन पूजन आवो ।।२।। दीपोत्सव, कानजगाई, हटड़ी विशेष – आज हमारे सर्वाधिक आनंद का दिन है. प्रभु प्रातः जल्दी उठकर सुगन्धित पदार्थों से अभ्यंग कर, श्रृंगार धारण कर खिड़क में पधारते हैं, गायों का श्रृंगार करते हैं, उनको खूब खेलाते हैं. श्रीजी का सेवाक्रम - महोत्सव

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Oct 20, 20253 min read


व्रज - कार्तिक कृष्ण त्रयोदशी (रूप चौदस के आपके शृंगार)
व्रज - कार्तिक कृष्ण त्रयोदशी (रूप चौदस के आपके शृंगार) Sunday, 19 October 2025 न्हात बलकुंवर कुंवर गिरिधारी । जसुमति तिलक करत मुख चुंबत, आरती नवल उतारी ॥ १ ॥ आनंद राय सहित गोप सब, नंदरानी व्रजनारी । जलसों घोर केसर कस्तुरी, सुभग सीसतें ढारी ॥ २ ॥ बहोर करत शृंगार सबे मिल, सब मिल रहत निहारी । चंद्रावलि व्रजमंगल रस भर, श्रीवृषभान दुलारी ॥ ३ ॥ मनभाये पकवान जिमावत, जात सबें बलहारी । श्रीविठ्ठलगिरिधरन सकल व्रज, सुख मानत छोटी दिवारी ॥ ४ ॥ नरक चतुर्दशी, रूप चौदस *आज रूप चौदस

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Oct 19, 20254 min read


व्रज - कार्तिक कृष्ण द्वादशी(धनतेरस के आपके श्रृंगार)
व्रज - कार्तिक कृष्ण द्वादशी(धनतेरस के आपके श्रृंगार) Saturday, 18 October 2025 इस वर्ष चतुर्दशी (सोमवार, २० अक्टूबर) के दिन दीपावली होने के कारण श्रृंगार का क्रम परिवर्तित हुआ है जिसमें आज द्वादशी के दिन धनतेरस के उत्सव का राग, भोग व श्रृंगार का क्रम होगा. यद्यपि धनतेरस का उत्सव बुधवार, 19 अक्टूबर 2025 को है. आज माई धन धोवत नंदरानी । कार्तिक वदि तेरस दिन उत्तम गावत मधुरी बानी ।।१।। नवसत साज श्रृंगार अनुपम करत आप मन मानी । कुम्भनदास लालगिरिधर को देखत हियो सिरानी ।।२।। धनतेरस,

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Oct 18, 20254 min read


व्रज - कार्तिक कृष्ण एकादशी (रमा एकादशी व्रत)
व्रज - कार्तिक कृष्ण एकादशी (रमा एकादशी व्रत) Friday, 17 October 2025 आज रमा एकादशी है लेकिन दीपावली चतुर्दशी को होने के कारण द्वादशी का शृंगार आज लिया गया हैं. विशेष – आज की एकादशी को रमा एकादशी कहा जाता है. कहा जाता है कि आज के दिन रमा नाम की व्रजगोपी ने श्री यशोदाजी को नंदालय में दीपावली की बधाई दी थी जिससे नंदालय में नगाड़े बजाये जाते हैं. दीपावली तक प्रतिदिन रौशनी की जाती है. मंदिर के द्वार (नक्कार खाने) के ऊपर नौबत नगाड़े बजाये जाते हैं. सेवाक्रम - विगत दशमी से कार्तिक शु

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Oct 17, 20253 min read


व्रज - कार्तिक कृष्ण दशमी
व्रज - कार्तिक कृष्ण दशमी Thursday, 16 October 2025 एकादशी के आपश्री के श्रृंगार पुष्टि प्रणालिका के आधार पर जहाँ निधि स्वरुप विराजित हों उन सभी मंदिरों में मंदिर के द्वार (नक्कार खाने) के ऊपर नौबत नगाड़े बजाये जाते हैं एवं रात्रि को रौशनी की जाती है. विगत कल से कार्तिक शुक्ल द्वितीया (भाईदूज) तक प्रभु पूरे दिन झारीजी में यमुनाजल अरोगते हैं. आज निज मंदिर में फूल-पत्ती की बाड़ी आती हैं. आज की सेवा चम्पकलताजी के भाव की है आज का श्रृंगार निश्चित है जिसमें श्याम ज़री के चाकदार वागा

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Oct 16, 20253 min read


व्रज - कार्तिक कृष्ण नवमी
व्रज - कार्तिक कृष्ण नवमी Wednesday, 15 October 2025 आपश्री (तिलकायत) के श्रृंगार आरम्भ पुष्टिमार्ग में कोई भी उत्सव ऐसे ही नहीं मना लिया जाता वरन पुष्टि के नियम कुछ इस प्रकार बनाये गए हैं कि प्रभु सेवा के हर क्रम में उस उत्सव के आगमन का आभास होता है. दीपावली का आभास भी प्रभु के सेवाक्रम में दशहरा से ही आरम्भ हो जाता है. इसी क्रम में आज से कार्तिक शुक्ल द्वितीया (भाईदूज) तक प्रतिदिन प्रभु की झारीजी में यमुनाजल भरा जाता है. उत्सव का आभास जागृत करने के भाव से

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Oct 15, 20253 min read


व्रज – कार्तिक कृष्ण सप्तमी
व्रज – कार्तिक कृष्ण सप्तमी Monday, 13 October 2025 दीपावली के पूर्व का नियम का मुकुट-काछनी का श्रृंगार आज श्रीजी में नियम का मुकुट का...

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Oct 13, 20252 min read


व्रज – कार्तिक कृष्ण षष्ठी
व्रज – कार्तिक कृष्ण षष्ठी Sunday, 12 October 2025 रूपचौदस का प्रतिनिधि का श्रृंगार प्रतिनिधि का श्रृंगार – बड़े उत्सवों के पहले उनके...

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Oct 12, 20252 min read


व्रज – कार्तिक कृष्ण पंचमी
व्रज – कार्तिक कृष्ण पंचमी Saturday, 11 October 2025 धनतेरस का प्रतिनिधि का श्रृंगार बड़े उत्सवों के पहले उन उत्सवों के प्रतिनिधि के...

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Oct 11, 20252 min read


व्रज – कार्तिक कृष्ण तृतीया
व्रज – कार्तिक कृष्ण तृतीया Friday, 10 october 2025 दीपावली के पूर्व कार्तिक कृष्ण वत्स द्वादशी का प्रतिनिधि श्रृंगार विशेष – दशहरा के...

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Oct 10, 20252 min read


व्रज – कार्तिक कृष्ण तृतीया
व्रज – कार्तिक कृष्ण तृतीया Thursday, 09 october 2025 राते पीरे टिपारा को शृंगार आज प्रभु को 'राते पीरे टिपारा' का श्रृंगार धराया जाता...

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Oct 9, 20252 min read


व्रज – कार्तिक कृष्ण द्वितीया (प्रतिपदा क्षय)
व्रज – कार्तिक कृष्ण द्वितीया (प्रतिपदा क्षय) Wednesday, 08 October 2025 पीत दुमालो बन्यो,कंठ मोतीनकी माला । सुंदर सुभग शरीर,झलमले नयन...

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Oct 8, 20252 min read


व्रज - आश्विन शुक्ल पूर्णिमा
व्रज - आश्विन शुक्ल पूर्णिमा Monday, 07 October 2025 प्रीतम प्रीत ही तें पैये । यद्यपि रूप गुण शील सुघरता, इन बातन न रीजैयें ॥१॥ सतकुल...

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Oct 7, 20253 min read


व्रज - आश्विन शुक्ल चतुर्दशी (शरद का उत्सव)
व्रज - आश्विन शुक्ल चतुर्दशी (शरद का उत्सव) Sunday, 06 October 2025 पूरी पूरी पूरण मासी पूरयो पूरयौ शरदको चंदा, पूरयौ है मुरली स्वर...

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Oct 6, 20252 min read


व्रज - आश्विन शुक्ल त्रयोदशी
व्रज - आश्विन शुक्ल त्रयोदशी Sunday, 05 October 2025 रासपंचाध्यायी के आधार पर श्रीनाथजी को शरद पूर्णिमा रास महोत्सव के मुकुट के पांच...

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Oct 5, 20252 min read
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