top of page

Search


व्रज – पौष शुक्ल प्रतिपदा
व्रज – पौष शुक्ल प्रतिपदा Saturday, 20 December 2025 श्याम रंग के साटन के बिना किनारी के घेरदार वागा ,कटि (कमर) पर एक विशेष हीरे का चपड़ास (घुंडी-नाका) एवं श्रीमस्तक पर गोल पाग और श्याम दोहरा क़तरा के शृंगार राजभोग दर्शन – कीर्तन – (राग : आसावरी) माई मेरो श्याम लग्यो संग डोले l जहीं जहीं जाऊं तहीं सुनी सजनी बिनाहि बुलाये बोले ll 1 ll कहा करो ये लोभी नैना बस कीने बिन मोले l ‘हित हरिवंश’ जानि हितकी गति हसि घुंघटपट खोले ll 2 ll साज – आज श्रीजी में स्याम रंग की सुनहरी ज़री की किनार

Reshma Chinai
Dec 20, 20251 min read


व्रज – पौष कृष्ण अमावस्या
व्रज – पौष कृष्ण अमावस्या Friday, 19 December 2025 नाथद्वारा के युवराज चिरंजीवी गौस्वामी श्री भूपेशकुमारजी (श्री विशालबावा) का जन्मदिवस विशेष – आज नाथद्वारा के युवराज, युवा वैष्णवों के हृदय सम्राट चिरंजीवी गौस्वामी श्री भूपेशकुमारजी (श्री विशालबावा) का जन्मदिवस है. Shreenathji nity darshan की तरफ़ से आपश्री को जन्मदिवस की ख़ूबख़ूब बधाई श्रीजी को गोपीवल्लभ (ग्वाल) भोग में मनोर (इलायची-जलेबी) के लड्डू, दूधघर में सिद्ध की गयी केसरयुक्त बासोंदी की हांडी व शाकघर में सिद्ध दो प्रका

Reshma Chinai
Dec 19, 20252 min read


व्रज – पौष कृष्ण चतुर्दशी
व्रज – पौष कृष्ण चतुर्दशी Thursday, 18 December 2025 पीताम्बर को चोलना पहरावत मैया । कनक छाप तापर धरी झीनी एक तनैया ।।१।। लाल इजार चुनायकी और जरकसी चीरा । पहोंची रत्न जरायकी ऊर राजत हीरा ।।२।। ठाडी निरख यशोमति फूली अंग न समैया । काजर ले बिंदुका दियो बृजजन मुसकैया ।।३।। नंदबाबा मुरली दई कह्यो ऐसै बजैया । जोई सुने जाको मन हरे परमानन्द बलजैया ।।४।। आज उपरोक्त पद ‘पीताम्बर को चोलना’ के आधार पर होने वाले विशिष्ट श्रूँगार के दर्शन का आनंद ले विशेष – जिस प्रकार जन्माष्टमी के पश्चात

Reshma Chinai
Dec 18, 20252 min read


व्रज – पौष कृष्ण त्रयोदशी
व्रज – पौष कृष्ण त्रयोदशी Wednesday, 17 December 2025 छठी (बैंगनी) घटा विशेष – आज श्रीजी में बैंगनी घटा के दर्शन होंगे. यह घटा नियत है और सामान्यतया आज के दिन ही होती है यद्यपि इसका क्रम निश्चित नहीं और इस वर्ष छठे क्रम पर ली गयी है. श्रीजी में शीतकाल में विविध रंगों की घटाओं के दर्शन होते हैं. घटा के दिन सर्व वस्त्र, साज आदि एक ही रंग के होते हैं. आकाश में वर्षाऋतु में विविध रंगों के बादलों के गहराने से जिस प्रकार घटा बनती है उसी भाव से श्रीजी में मार्गशीर्ष व पौष मास में वि

Reshma Chinai
Dec 17, 20252 min read


व्रज – पौष कृष्ण द्वादशी
व्रज – पौष कृष्ण द्वादशी Tuesday, 16 December 2025 शीतकाल की तृतीय चौकी आज के वस्त्र श्रृंगार निश्चित हैं. आज प्रभु को हरे खीनखाब के चाकदार वस्त्र एवं श्रीमस्तक पर रुपहली ज़री की पाग पर साज सहित टिपारा धराया जाता है. आज से विशेष रूप से ललित राग के कीर्तन भी प्रारंभ हो जाते हैं. राजभोग दर्शन – कीर्तन – (राग : सारंग) नंद बधाई दीजे ग्वालन l तुम्हारे श्याम मनोहर आये गोकुल के प्रति पालन ll 1 ll युवतिन बहु विधि भूषन दीजे विप्रन को गौदान l गोकुल मंगल महा महोच्छव कमल नैन घनश्याम ll 2

Reshma Chinai
Dec 16, 20252 min read


व्रज – पौष कृष्ण एकादशी
व्रज – पौष कृष्ण एकादशी Monday, 15 December 2025 नित्यलीलास्थ गौस्वामी तिलकायत श्री गोविंदजी का उत्सव, सफला एकादशी विशेष – आज सफला एकादशी है. आज नित्यलीलास्थ गौस्वामी तिलकायत श्री गोविन्दजी महाराज का उत्सव है. आपका जन्म विक्रम संवत 1769 में गौस्वामी श्री विट्ठलेशजी के द्वितीय पुत्र के रूप में हुआ. आपके बड़े भ्राता श्री गोवर्धनेशजी के यहाँ कोई पुत्र ना होने के कारण उनके पश्चात आप तिलकायत पद पर आसीन हुए. वर्तमान की भांति तब भी एक पीढ़ी में दो तिलकायत हुए. पुष्टिमार्ग में आप बाल-भ

Reshma Chinai
Dec 15, 20253 min read


व्रज – पौष कृष्ण दशमी
व्रज – पौष कृष्ण दशमी Sunday, 14 December 2025 श्री गुसांईजी के उत्सव का परचारगी श्रृंगार विशेष – आज श्री गुसांईजी के उत्सव का परचारगी श्रृंगार धराया जाता है. आज सभी साज, वस्त्र एवं श्रृंगार पिछली कल की भांति ही होते हैं. इसे परचारगी श्रृंगार कहते हैं. श्रीजी में लगभग सभी बड़े उत्सवों के एक दिन बाद उस उत्सव का परचारगी श्रृंगार होता है. परचारगी श्रृंगार के श्रृंगारी श्रीजी के परचारक महाराज (चिरंजीवी श्री विशाल बावा) होते हैं. यदि वो उपस्थित हों तो वही श्रृंगारी होते हैं. आज राज

Reshma Chinai
Dec 14, 20252 min read


व्रज – पौष कृष्ण अष्टमी
व्रज – पौष कृष्ण अष्टमी Friday, 12 December 2025 श्री गुसांईजी के उत्सव के आगम का श्रृंगार विशेष – कल प्रभुचरण श्री गुसांईजी का प्राकट्योत्सव है अतः आज उत्सव के एक दिन पूर्व धराया जाने वाला हल्का श्रृंगार धराया जाता है. लगभग सभी बड़े उत्सवों के एक दिन पूर्व लाल वस्त्र एवं पाग-चन्द्रिका का हल्का श्रृंगार धराया जाता है. यह श्रृंगार अनुराग के भाव से धराया जाता है और इसे उत्सव के आगम का श्रृंगार कहा जाता है. आज दिनभर उत्सव की बधाई एवं ढाढ़ी के कीर्तन गाये जाते हैं. आज से प्रतिदिन श

Reshma Chinai
Dec 12, 20252 min read


व्रज – पौष कृष्ण सप्तमी
व्रज – पौष कृष्ण सप्तमी Thursday, 11 December 2025 विशेष – आज श्री गुसांईजी के द्वितीय पुत्र गोविन्दरायजी के प्रथम पुत्र कल्याणरायजी का जन्मोत्सव है. आप श्री गुसांईजी के सबसे ज्येष्ठ पौत्र थे एवं उनके जीवित रहते ही आपका जन्म विक्रम संवत १६२५ में गोकुल में हुआ था.(विस्तुत विवरण अन्य पोस्ट में) आज द्वितीय गृहाधीश्वर प्रभु श्री विट्ठलनाथजी के घर (मंदिर) से श्रीजी व श्री नवनीतप्रियाजी के भोग हेतु घेरा (जलेबी) की सामग्री सिद्ध हो कर आती है. आज से पौष कृष्ण द्वादशी तक प्रतिदिन श्री

Reshma Chinai
Dec 11, 20252 min read


व्रज – पौष कृष्ण पंचमी
व्रज – पौष कृष्ण पंचमी Wednesday, 10 December 2025 फूल गुलाबी साज अति शोभित तापर राजत बालकृष्ण बिहारी । फ़ेंटा गुलाबी पिछोरा रह्यो फबि फूल गुलाबी रंग अति भारी ।।१।। वाम भाग वृषभाननंदनी पहेरे गुलाबी कंचुकी सारी । फूल गुलाबी हस्तकमलमें छबि पर कुंभनदास बलिहारी ।।२।। अष्टम (गुलाबी) घटा आज श्रीजी में गुलाबी घटा के दर्शन होंगे. यह घटा निश्चित है पर इसका दिन व क्रम ऐच्छिक है और इस वर्ष आठवें क्रम पर ली गयी है. श्रीजी में शीतकाल में विविध रंगों की घटाओं के दर्शन होते हैं. घटा के दिन

Reshma Chinai
Dec 10, 20253 min read


व्रज – पौष कृष्ण पंचमी
व्रज – पौष कृष्ण पंचमी Tuesday, 09 December 2025 सेवा रीति प्रीति व्रजजनकी श्रीमुख तें विस्तरते, श्रीविट्ठलनाथ अमृत जिन लीनो रसना सरस सुफलते. श्री गुसांईजी के उत्सव का प्रतिनिधि का श्रृंगार विशेष – आज श्री गुसांईजी के उत्सव की नौबत की बधाई बैठती है. उत्सव का प्रतिनिधि का पहला श्रृंगार धराया जाता है. सभी बड़े उत्सवों के पहले उस श्रृंगार का प्रतिनिधि का श्रृंगार धराया जाता है. आज श्रीजी को बिना किनारी के केसरी चाकदार वागा अड़तु के धराये जाते हैं. श्रीमस्तक पर केसरी कुल्हे के ऊपर

Reshma Chinai
Dec 9, 20252 min read


व्रज – पौष कृष्ण चतुर्थी
व्रज – पौष कृष्ण चतुर्थी Monday, 08 December 2025 चमक आयो चंदसो मुख कुंजते जब निकसी । सुंदर सांवरो किशोर गोहन लाग रहे चकोर ललितादिक कुमुदावलि निरख नयन विकसी ।। पहिरे तन श्वेत सारी मानों शरद उजियारी मानों सुधासिंधु मध्य दामिनी घसी । कहत भगवान हित रामराय प्रभु प्यारी वश कीने कुंजविहारी छबि निरख मंद हसी ।। पंचम (रुपहरी) घटा विशेष – आज श्रीजी में पाँचवीं (रुपहरी) घटा के दर्शन होंगे. सभी घटाओं में राजभोग तक का सेवाक्रम अन्य दिनों की तुलना में

Reshma Chinai
Dec 8, 20252 min read


व्रज – पौष कृष्ण तृतीया
व्रज – पौष कृष्ण तृतीया Sunday, 07 December 2025 केसरी साटन के चाकदार वागा एवं श्रीमस्तक पर छज्जेदार पाग पर लूम की किलिंगी के श्रृंगार राजभोग दर्शन – कीर्तन – (राग : आसावरी) प्रीत बंधी श्रीवल्लभ पदसों और न मन में आवे हो । पढ़ पुरान षट दरशन नीके जो कछु कोउ बतावे हो ।।१।। जबते अंगीकार कियोहे तबते न अन्य सुहावे हो । पाय महारस कोन मूढ़मति जित तित चित भटकावे हो ।।२।। जाके भाग्य फल या कलिमे शरण सोई जन आवेहो । नन्द नंदन को निज सेवक व्हे द्रढ़कर बांह गहावे हो ।।३।। जिन कोउ करो भूलमन शंक

Reshma Chinai
Dec 7, 20252 min read


व्रज – पौष कृष्ण द्वितीया
व्रज – पौष कृष्ण द्वितीया Saturday, 06 December 2025 मेघश्याम साटन के घेरदार वागा एवं श्रीमस्तक पर गोल पाग पर दोहरा क़तरा के श्रृंगार राजभोग दर्शन – कीर्तन – (राग : आसावरी) आज श्रृंगार निरख श्यामा को नीको बन्यो श्याम मन भावत । यह छबि तनहि लखायो चाहत कर गहि के मुखचंद्र दिखावत ।।१।। मुख जोरें प्रतिबिम्ब विराजत निरख निरख मन में मुस्कावत । चतुर्भुज प्रभु गिरिधर श्री राधा अरस परस दोऊ रीझि रिझावत ।।२।। साज – श्रीजी में आज मेघश्याम रंग की साटन (Satin) की र

Reshma Chinai
Dec 6, 20251 min read


व्रज – पौष कृष्ण प्रतिपदा
व्रज – पौष कृष्ण प्रतिपदा Friday, 05 December 2025 नित्यलीलास्थ गौस्वामी तिलकायत श्री राजीवजी (श्री दाऊबावा) का प्राकट्योत्सव श्रीजी को नियम के लाल साटन के चाकदार वागा एवं श्रीमस्तक पर किरीट मुकुट धराया जाता है. राजभोग दर्शन – कीर्तन – (राग : सारंग) पौष निर्दोष सुख कोस सुंदरमास कृष्णनौमी सुभग नव धरी दिन आज l श्रीवल्लभ सदन प्रकट गिरिवरधरन चारू बिधु बदन छबि श्रीविट्ठलराज ll 1 ll भीर मागध भई पढ़त मुनिजन वेद ग्वाल गावत नवल बसन भूषणसाज l हरद केसर दहीं कीचको पार नहीं मानो सरिता वही

Reshma Chinai
Dec 5, 20252 min read


व्रज – मार्गशीर्ष शुक्ल चतुर्दशी (पूर्णिमा क्षय)
व्रज – मार्गशीर्ष शुक्ल चतुर्दशी (पूर्णिमा क्षय) Thursday, 04 December 2025 पूर्णिमा व्रत आज गोपाल पाहुने आये निरखे नयन न अघाय री । सुंदर बदनकमल की शोभा मो मन रह्यो है लुभाय री ।।१।। के निरखूं के टहेल करूं ऐको नहि बनत ऊपाय री । जैसे लता पवनवश द्रुमसों छूटत फिर लपटाय री ।।२।। मधु मेवा पकवान मिठाई व्यंजन बहुत बनाय री । राग रंग में चतुर सुर प्रभु कैसे सुख उपजाय री ।। नियम (घर) का छप्पन भोग, बलदेवजी (दाऊजी) का उत्सव आज श्रीजी में नियम (घर) का छप्पनभोग है. छप्पनभोग के विषय में कई

Reshma Chinai
Dec 4, 20256 min read


व्रज – मार्गशीर्ष शुक्ल त्रयोदशी
व्रज – मार्गशीर्ष शुक्ल त्रयोदशी Wednesday, 03 December 2025 श्रीजी में चतुर्थ (अमरसी) घटा विशेष – आज श्रीजी में चतुर्थ (अमरसी) घटा होगी. आज की घटा नियम से मार्गशीर्ष शुक्ल पूर्णिमा को होने वाले घर के छप्पनभोग से एक दिन पहले होती है. मार्गशीर्ष शुक्ल पंचमी से मार्गशीर्ष शुक्ल पूर्णिमा तक पूर्णिमा को होने वाले घर (नियम) के छप्पनभोग उत्सव के लिए विशेष सामग्रियां सिद्ध की जाती हैं. ये विशेष रूप से सिद्ध हो रही सामग्रियां प्रतिदिन गोपीवल्लभ (ग्वाल) भोग में श्रीजी को अरोगायी जाती

Reshma Chinai
Dec 3, 20252 min read


व्रज – मार्गशीर्ष शुक्ल द्वादशी
व्रज – मार्गशीर्ष शुक्ल द्वादशी Tuesday, 02 December 2025 शीतकाल की द्वितीय चौकी मार्गशीर्ष शुक्ल पंचमी से मार्गशीर्ष शुक्ल पूर्णिमा तक पूर्णिमा को होने वाले घर (नियम) के छप्पनभोग उत्सव के लिए विशेष सामग्रियां सिद्ध की जाती हैं जिन्हें प्रतिदिन गोपीवल्लभ (ग्वाल) भोग में श्रीजी को अरोगाया जाता है. इसी श्रृंखला में श्रीजी को आज तवापूड़ी (इलायची, मावे व तुअर की दाल के मीठे मसाले से भरी पूरनपोली जैसी सामग्री जिसमें आंशिक रूप में कस्तूरी भी मिलायी जाती है) का भोग अरोगाया जाता है. य

Reshma Chinai
Dec 2, 20252 min read


व्रज – मार्गशीर्ष शुक्ल एकादशी
व्रज – मार्गशीर्ष शुक्ल एकादशी Monday, 01 December 2025 (मोक्षदा एकादशी व्रत) (गीता जयंती) श्वेत साटन के चागदार वागा लाल रूमाल एवं श्रीमस्तक पर लसनिया का जड़ाऊ कूल्हे पर पगा का पान व टीपारा का साज के शृंगार मोक्षदा एकादशी (गीता जयंती) ब्रह्म पुराण के अनुसार मार्गशीर्ष शुक्ल एकादशी का बहुत बड़ा महत्व है. द्वापर युग में प्रभु श्रीकृष्ण ने आज के ही दिन अर्जुन को भगवद् गीता का उपदेश दिया था, इसीलिए आज का दिन गीता जयंती के नाम से भी प्रसिद्ध है. आज की एकादशी मोह का क्षय करनेवाली ह

Reshma Chinai
Dec 1, 20253 min read


व्रज – मार्गशीर्ष शुक्ल दशमी
व्रज – मार्गशीर्ष शुक्ल दशमी Sunday, 30 November 2025 गुलाबी साटन के घेरदार वागा एवं श्रीमस्तक पर गोल पाग पर बाँकी गोल चंद्रिका के शृंगार राजभोग दर्शन – कीर्तन – (राग : आसावरी) प्रीत बंधी श्रीवल्लभ पदसों और न मन में आवे हो । पढ़ पुरान षट दरशन नीके जो कछु कोउ बतावे हो ।।१।। जबते अंगीकार कियोहे तबते न अन्य सुहावे हो । पाय महारस कोन मूढ़मति जित तित चित भटकावे हो ।।२।। जाके भाग्य फल या कलिमे शरण सोई जन आवेहो । नन्द नंदन को निज सेवक व्हे द्रढ़कर बांह गहावे हो ।।३।। जिन कोउ करो भूलमन

Reshma Chinai
Nov 30, 20252 min read
bottom of page