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व्रज – आश्विन कृष्ण प्रतिपदा

व्रज – आश्विन कृष्ण प्रतिपदा

Wednesday, 02 September 2020


विशेष – आज का श्रृंगार ऐच्छिक है. ऐच्छिक श्रृंगार नियम के श्रृंगार के अलावा अन्य खाली दिनों में ऐच्छिक श्रृंगार धराया जाता है.

ऐच्छिक श्रृंगार प्रभु श्री गोवर्धनधरण की इच्छा, मौसम की अनुकूलता, ऐच्छिक श्रृंगारों की उपलब्धता, पूज्य श्री तिलकायत की आज्ञा एवं मुखिया जी के स्व-विवेक के आधार पर धराया जाता है.


मेरी जानकारी के अनुसार आज श्रीजी को श्याम चौफुली चूंदड़ी के पिछोड़ा और श्रीमस्तक पर छज्जेदार पाग धराये जाएगे.


राजभोग दर्शन -


कीर्तन – (राग : सारंग)


छाँडो लाल हमारी बाट..........


साज - श्रीजी में आज श्याम रंग की मलमल पर पीले लहरिया की रुपहली ज़री के हांशिया (किनारी) वाली पिछवाई धरायी जाती है. गादी, तकिया एवं चरणचौकी पर सफेद रंग की बिछावट की जाती है.


वस्त्र – श्रीजी में आज श्याम श्याम चौफुली चूंदड़ी का पिछोड़ा धराया जाता है. ठाड़े वस्त्र अमरसी(चित्र में रंग भिन्न )रंग के होते हैं.


श्रृंगार – प्रभु को आज छोटा (कमर तक) हल्का श्रृंगार धराया जाता है. गुलाबी मीना तथा सोने के सर्व आभरण धराये जाते हैं.


श्रीमस्तक पर श्याम चौफुली चूंदड़ी के छज्जेदार पाग के ऊपर सिरपैंच गोल चंद्रिका(चित्र में भिन्न) तथा बायीं ओर शीशफूल धराये जाते हैं. श्रीकर्ण में कर्णफूल एक जोड़ी धराये जाते हैं.

श्वेत पुष्पों की विविध रंगों की थागवाली चार मालाजी धरायी जाती है.


श्रीहस्त में कमलछड़ी, लहरियाँ के वेणुजी एवं दो वेत्रजी धराये जाते हैं.

पट श्याम व गोटी चाँदी की आती हैं.


 
 
 

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